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एक साधारण आइडिया ने डूबती फैक्ट्री को बनाया ब्रांड, 5 साल में ऐसे खड़ी की 6500 करोड़ का साम्राज्य

रोड आईलैण्ड कई कारणों से प्रसिद्ध है। एक वजह यह है कि यह अंतिम अमेरिकी काॅलोनी थी जिसे राज्य घोषित किया गया था। यहाँ कई ऐतिहासिक महल हैं जिसमें टेनिस हाॅल आॅफ फेम भी शामिल है। मगर यहाँ के 1 करोड़ निवासियों के लिए गर्व की बात है कि यहाँ की “एलेक्‍स एंड एनी” नामक एक ज्वैलरी कम्पनी। “एलेक्स एण्ड एेनी” का टर्नओवर जहाँ 2010 तक 5 मिलियन डाॅलर था वह 2016 में 500 मिलियन डाॅलर हो गया। ग्रोथ के अनुसार यह दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से विकसित कंपनी है।

25 सितम्बर 1966 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी कैरोलि‍न रैफलि‍न आज 700 मिलयन डाॅलर की मालकिन हैं। “एलेक्‍स एंड एनी” ज्वेलरी की नींव रखने वाली कैरोलि‍न को फोबर्स मैगजिन में उन 60 महिला उद्यमियों में से 18वाँ स्थान मिला,जिन्होंने नए अन्वेषण और अनुसंधान से अपनी शाख बनाई। कैरोलिन आज रोड आईलैण्ड के एक मेंशन में रहती हैं जिसका नाम “बेलकोर्ट काॅसल” है। 1894 में निर्मित इस काॅसल में 60 कमरे हैं जो कई एकड़ में फैला है। 2013 में कैरोलिना में 3.6 मिलियन डाॅलर में इसे ख़रीदा और 5 मिलियन डाॅलर इसके बनावट और मरम्मत पर खर्च किए।

कैसे हुई शुरुआत

कैरोलिन के पिता एक  छोटा सी ज्वेलरी बनाने की फैक्ट्री चलाते थे। अपने चार बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके पिता काफी काफी मेहनत किया करते थे। एक बार बचपन में किसी शरारत के कारण कैरोलिन और उनकी बहनों को फैक्ट्री के तहखाने में बंद कर दिया गया। वहीं बैठे-बैठे कैरोलिन ने कुछ चूड़ियों के डिजाईन तैयार किए। तब उन्हें एहसास हुआ की यही वह है जो वे पहनना चाहती हैं और साथ ही उन्हें इन चूड़ियों को डिजाईन करना बेहद पसंद आया।

गौरतलब है कि पढ़ाई के बाद कैरोलिन और उनकी बहनें पिता के काम में मदद किया करती थी। 23 साल की उम्र में कैरोलिन का विवाह कर दिया गया। 25 साल में पहली बार गर्भवती हुई और 27 वर्ष तक में दूसरे बच्चे की माँ बनीं। इनकी बड़ी बेटी का नाम “एैलेक्स” और छोटी बेटी का नाम “ऐनी” है। इन दोनों बेटियों के नाम पर ही कैरोलिना ने अपने ज्वेलरी ब्रैण्ड का नाम “एलेक्‍स एंड एनी” रखा है।

1994 में कैरोलीन वापस रोड आईलैण्ड चली आई और यहाँ अपने पिता के ज्वेलरी फैक्ट्री में काम करने लगी। उनके पास उस वक्त न्यूयार्क के 1.5 मिलियन डाॅलर के आॅडर थे। काम करने के दौरान कैरोलिन ने पाया कि फैक्ट्री के मजदूर उन्हीं आॅडर्स पर काम कर रहे हैं जो कैरोलीन लाती है वरना उन मजदूरों के पास काम नहीं है। उन्हें एहसास हुआ कि कंपनी उन पर ही भरोसा कर रही है। उस दौर में चाईनीज सस्ती ज्वेलरी की तुलना में इनका काम काफी प्रभावी था।

लेकिन कंपनी को बाज़ार में बनाए रखने के लिए बहुत कुछ करना था। इसी सोच के साथ उन्हें एक रात कुछ ख्याल आया और वह फैक्ट्री जा कर उस पर काम करने लगी और फिर एक बेहतरीन डिजाइनर लुक वाली ब्रेसलेट तैयार की। यहाँ से उनकी किस्मत बदली और यह उनकी कंपनी के 30 पेटेंट में से एक बनी। यह एक्पेंडेबल वायर वाली बैंगल इतनी पाॅपुलर हुई की इसके सैंपल सेलिंग के दौरान पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए बुलाना पड़ा। एक महिला तो स्टोर खुलने से 4 घण्टे पहले से ही इंतजार में कुर्सी लगा कर बैठी थी। इतनी डिमांड देखकर कैरोलीन खुद भी वर्कर्स के साथ काम पर जुट गई।

अपनी बेटियों के नाम पर शुरू किया ब्रांड और पूरी दुनिया में मचाई तहलका 

2004 में कैरोलीन ने “एलेक्‍स एंड एनी” अपनी बेटियों के नाम से ब्रैण्ड की शुरुआत की और 2017 के अंत तक उनकी ब्रांड वैल्यू 1.2 बिलयन डाॅलर होने की उम्मीद है। कौरोलीन अपने ब्रांड को लगातार बेहतर बनाने के लिए परिश्रम करती रहती हैं। ज्वेलरी से साथ-साथ और भी नये उत्पाद जोड़ती रहती है। “एलेक्‍स एंड एनी” की ज्वेलरी हर छोटे बड़े शॉप्स में उपलब्ध रहती है। कैरोलीन बिजनेस के साथ-साथ चैरिटी का काम करती है। कैटरीना तुफान से पीड़ितों के पुर्नावास के लिए भी उन्होंने काम किया है।

कैरोलीन ने अपनी दिलचस्पी को पहचाना और समझा कि वह इसमें बेहतरीन कर सकती हैं और आज वह इस क्षेत्र में सफलता के शिखर पर हैं। कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि वह अपने चाहत को समझ नहीं पाते, कई कामों में उलझ कर रह जाते हैं इससे न तो काम में सफलता मिलती है और समय की भी बर्बादी होती है। कौरोलीन एक उदाहरण है कि लगन और दिलचस्पी से काम किया जाए तो सफलता निश्चित होती है।

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