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एक स्टार्टअप जिसने लाखों गृहिणियों को दिया घर बैठे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका

सुखमनी बेदी बहुत ही अलग अंदाज में भारत की हजारों महिलाओं का सशक्तिकरण कर रही हैं। सुखमनी, भारत की सबसे बड़ी समुदाय द्वारा संचालित एक कुकिंग प्लेटफार्म बेटर-बटर  की संस्थापिका और सीओओ हैं। इसके जरिए वे गृहिणियों को अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए एक अनोखा प्लेटफार्म मुहैया कराती हैं। 

केनफ़ोलिओज़ के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने बेटर-बटर बनने तक की यात्रा को साझा किया।

दिल्ली में जन्मीं और पली-बढ़ी सुखमनी ने इकोनॉमिक्स से अपनी पढ़ाई की और मास्टर डिग्री करने के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी चली गई। वो बताती हैं “उस समय मैं इकॉनॉमिक डेवलपमेंट के लिए बहुत उत्साहित थी। मैंने दो साल तक वाशिंगटन डीसी में इंटरनेशनल मॉनिटरी फण्ड के लिए काम किया। मैं भारत लौट कुछ करना चाहती थी।”

भारत लौटकर सुखमनी ने फिलिप्स मार्केटिंग टीम को ज्वाइन किया। वे किचन एप्लायंस के साथ काम कर रही थीं और जरूरत थी कुकिंग के बारे में जानने की। “इस समय कुकिंग के साथ यह मेरा पहला अनुभव था।”

भारत की महिलाओं की कुकिंग से संबंधित जरूरतों और वे जिन एप्लायंस का उपयोग करती हैं, उनके बारे में जानकारी इकट्ठी करने के लिए सुखमनी ने अपनी टीम के साथ पूरे देश में भ्रमण किया। वे अपनी बात साझा करते हुए कहती हैं “तब मैंने महसूस किया कि भारत में कुकिंग एक नौकरी नहीं है। यह ऐसा कुछ है जिसमें महिलाओं को आतंरिक ख़ुशी, संतोष और आत्मसम्मान प्राप्त होता है। दस में से नौ महिला गृहिणी हैं। कुकिंग के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार के प्रति प्यार और दुलार प्रदर्शित करती हैं।”

2015 में उन्होंने अपने पार्टनर के साथ कुछ करने का सोचा। उन्होंने भारत में व्यंजन विधियों के बारे में देखना शुरू किया और महसूस किया कि देश में इसकी अपार संभावना है।

सुखमनी बताती हैं “ इस समय लोग सोशल मिडिया पर रेसिपीज ढूंढते हैं,चाहे यू ट्यूब या सेलिब्रिटी शेफ्स जैसे तरला दलाल और संजीव कपूर की रेसिपी। किसी का भी ध्यान प्रोडक्ट पर नहीं जाता। किसी के पास किस मौके पर क्या बनाना चाहिए यह निर्णय लेने के लिए कोई पुख्ता आधार देने वाला ज्ञान वहां सुलभ नहीं था। और यहीं से बेटरबटर के जन्म की सोच पनपी।

सुखमनी ने 2015 में बेटर-बटर की वेबसाइट लांच की। इसका उद्देश्य था एक मंच पर भारतीय महिलाएं अपनी बात रख सकें। कुछ महीने के बाद सुखमनी ने बेटर-बटर का ऐप लांच किया। भारतीय महिलाओं के पास ढ़ेर सारी क्षमताएं हैं, और यह एक तरीका है उनकी प्रतिभा को उजागर करने का। हर दिन उन्हें अपने काम के लिए सराहना नहीं मिलती। मैं उन्हें एक ऐसा प्लेटफार्म देना चाहती हूँ जिसमें वे बड़े दर्शक दीर्घा के सामने अपनी रेसिपीज शेयर करें।

आज बेटरबटर में लगभग 50,000 रेसिपीज उपलब्ध हैं जिसे यूज़र्स ने ही ऐड किया है। यह सबसे पहले अंग्रेजी में था अब हिंदी और तमिल में भी उपलब्ध है। सुखमनी कहती हैं कि “हमने महसूस किया कि लोग वीडियोस को ज्यादा पसंद करते हैं परन्तु यह सम्भव नहीं है कि हर महिला स्टूडियो जाकर वीडियोस बनाये। इसलिए हमने एक ऐसा साधन बनाया है जिसमें महिलाएं घर पर ही अच्छी क्वालिटी के वीडियोस बना सके। बेटरबटर आज सबसे बड़ा यूज़र्स जनरेटेड प्लेटफार्म है और इसे लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अभी मराठी, गुजराती और बंगाली भाषाओं में भी ऐप बनाने का काम चल रहा है। बेटर-बटर भारत की गृहिणियों के सशक्तिकरण में लगा हुआ है।

“महिलाएं मुझसे कहती हैं कि उनके बच्चे के बड़े होने के बाद हमारे पास करने को कुछ नहीं होता। परन्तु अब वे बेटर-बटर के द्वारा अपनी रेसिपी अपलोड करती हैं।”

उनकी टीम कई ब्रांड्स के साथ भी काम कर रही है और जल्द ही उनके साथ टाई-अप करने वाली है। एक बार यह हो गया तब रेवेन्यू का हिस्सा उन महिलाओं में शेयर हो जायेगा जो उनके ऐप में अपने वीडियोस अपलोड करती हैं।

सुखमनी ने उन महिलाओं को ऐसा प्लेटफार्म दिया है जो बड़ी मेहनत से अपने परिवार के लिए काम करती हैं परन्तु उन्हें उतनी सराहना नहीं मिल पाती। अब एक ऐसी जगह मिल गई है जहाँ आप अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं।  

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