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हालातों के आगे मात खाकर कभी खुदकुशी की कोशिश करने वाली यह महिला आज है एक नामचीन उद्यमी

तेरे माथे पे ये आंचल बहुत ही खूब है, तू इसे परचम बना लेती तो अच्छा था… महिलाएं चाँद पर जा रही हैं, महिलाएं प्लेन उड़ा रही हैं, महिलायें बाइक चला रही हैं और ऐसे तमाम काम कर रही हैं, जिनपर सिर्फ पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कल्पना चावला, सुनीता विलिअम्स ऐसी तमाम महिलाएं हैं, जिन्होंने समाज में महिलाओं को देखने का नजरिया बदला है। आज की हमारी कहानी भी एक ऐसी ही महिला की सफलता को लेकर है जिसने तमाम सांसारिक दायित्वों को भली भांति पूरा करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

18 साल की उम्र में शादी और फिर ससुराल की पूरी गृहस्थी की जिम्मेदारी, फिर नाकाम होने पर मौत की दहलीज तक पहुँचना। लेकिन तमाम कठिनाईयों का डटकर मुकाबला करते इस महिला ने सौन्दर्य प्रतियोगिता से लेकर कारोबारी जगत में अपनी सफलता का परचम लहराया।

हम बात कर रहे हैं मिसेज यूनिवर्स लवली का टाइटल जीतने वालीं शिल्पा अग्रवाल की, जिसने मिसेज यूनिवर्स लवली पेजेंट 2017 का खिताब अपने नाम किया। मारवाड़ी परिवार में जन्मी शिल्पा पांच भाई-बहनों में से एक थीं। जाहिर है, सबकी शादियाँ करने की जल्दी हर माँ बाप की तरह शिल्पा के घरवालों को भी थी। लिहाजा 18 साल की उम्र में उनकी शादी एक शख्स से हो गयी, जिसे न तो जानती थी, न कभी मिली थीं। समय बीता, जिम्मेदारी बढ़ी और ये सब शिल्पा के लिए मुश्किल होता गया। और एक दिन वो हुआ, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था। शिल्पा ने नींद की गोलियां खायीं और मौत को गले लगा लिया। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था, वो बच गयीं और यहीं से उनकी जिन्दगी ने एक नया मोड़ लिया और वो सबके लिए मिसाल बनकर सामने आयीं।

दरअसल, इस पूरे सफर में उनकी प्रेरणा बनीं उनकी सास, जो अनपढ़ थीं लेकिन बावजूद इसके हर चीज बखूबी संभालती थीं। शिल्पा ने सोचा जब इस उम्र में ये सब चीज कर सकती हैं तो मैं क्यों नहीं? यहीं से उनके नए सफर की शुरुआत हुई, या यूँ कहें उन्हें एक नया जीवन मिला। शुरूआती दौर में उनके पति, आकाश अग्रवाल ने उनका भरपूर साथ निभाया। उन्हें अपने ऑफिस ले जाने लगे और फर्नीचर के फैमिली बिजनेस से रूबरू करवाया। धीरे-धीरे वो इस बिजनेस में रम गयीं, बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए नित नए उपयोग करने लगीं और उनका बिजनेस दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करने लगा।

नागपुर में उनका बिजनेस फलने फूलने लगा। एक दिन ऐसा आया जब शिल्पा के रूप में उनके बिजनेस को एक नया सीईओ मिल गया और वो एक उद्यमी बनकर सामने आयीं। एंटरप्रेन्योर के रूप में उन्हें विदशों से आमंत्रण आने लगे, जहाँ जाकर वो लोगों से अपने बिजनेस आइडिया शेयर करती थीं। आज उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि ये वही महिला हैं, जिनसे जिन्दगी से तंग आकर ख़ुदकुशी करने का प्रयास किया था।

मिसेज यूनिवर्स के खिताब के लिए वे साउथ अफ्रीका पहुंची, जहाँ इसी साल 3 सितम्बर को उन्हें टाइटल से नवाजा गया। ये कांटेस्ट सिर्फ शादी शुदा महिलाओं के लिए था, जिसमें देश भर से लगभग 175 महिलाओं ने भाग लिया था। इससे पहले वे 2015 में मिसेज इंडिया ग्लोब में भी फर्स्ट रनर अप रह चुकी हैं, वहीं थाईलैंड में आयोजित हुए कांटेस्ट में मिसेज इन्स्पिरेशन का ख़िताब पा चुकी हैं। इतना ही नहीं, 2004 में वो मिसेज नागपुर भी रह चुकी हैं।

इस तरह वे न सिर्फ एक सफल उद्यमी बनीं बल्कि आज एक ब्यूटी पेजेंट की मालकिन भी हैं। केनफ़ोलिओज़ से बातचीत के दौरान शिल्पा कहती हैं कि मैंने अपने जीवन से यही सीखा है कि कठिनाई देखकर हमें भागना नहीं चाहिए, जिन्दगी बहुत रंगीन है, इसे ब्लैक एंड व्हाइट नहीं बनाना चाहिए।

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