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पेट्रोल पंप में कार धोने का काम करने वाले दो भाइयों ने खड़ी कर ली 341 पेट्रोल पम्प वाली श्रृंखला

आपकी नियति सितारों के हाथों में नहीं बल्कि आपके अपने हाथों में होती है और आपके द्वारा लिये गए निर्णय के क्षणों में ही आपकी नियति आकार लेती है।कोई सोच भी नहीं सकता था कि मोहसिन और जुबेर इस्सा दोनों भाई जो एक पेट्रोल पंप में काम करते थे, वे किसी दिन एक लाभदायक पेट्रोल पम्प के बिज़नेस की श्रृंखला के मालिक होंगे।

दोनों भाई बचपन के दिनों में ही अपने पिता के साथ कनाडा के हैलिफैक्स में जा बसे थे। जीवन बहुत कठिन था परन्तु वे दोनों एक दूसरे के सपोर्ट सिस्टम बन कर डटे रहे। जब वे यहां आये थे, तब उनके पास 5,000 पाउण्ड कैश था। बड़े भाई जुबेर ने एक गेराज लीज पर ली और उसके बाद केवल उनके पास उसके किराये के लिए ही पैसे बचे थे।

फ़ूड कोर्ट हो या पेट्रोल पम्प, वे दोनों जमकर मेहनत करते थे, इस बात को देखकर उन्हें उन दुकानों के प्रोडक्ट उन्हें उधार में मिल जाते थे। और इन्हीं के चलते दो सालों में उनके पास ड़ेढ़ लाख पाउंड की बचत की हुई रक़म जमा हो गयी। और उनका अपने पेट्रोल पम्प का सपना साकार होता नज़र आने लगा।     

खुद का पेट्रोल फिलिंग स्टेशन खरीदना जुए के बराबर था। अगर यह चल निकला तो सभी कुछ उनके पक्ष में हो जायेगा परन्तु अगर संभव नहीं हो पाया तो उनकी पूरी बचत पानी में चली जाएगी। तभी मंदी ने अपने पाँव पसारने शुरू कर दिए, और तब निर्णय लेना और भी कठिन हो गया। दोनों भाइयों ने अपनी मज़बूतियों के हिसाब से काम करना शुरू कर दिया। मोहसिन रोज़ाना के काम का ख्याल रखने लगे और जुबेर अधिग्रहण की योजनाएं बनाने लगे और साइट पर और क्या नया किया जा सकता है यह सोचने में जुटे रहते थे। दोनों भाई जानते थे कि उनके फिलिंग स्टेशन के पास सीमित साधन थे और वे उसे बदलना चाहते थे। बजाय सिर्फ एक फ़ूड-स्टॉप होने के वे पेट्रोल फिलिंग स्टेशन को ग्राहकों के लिए एक पूरे शॉपिंग अनुभव को बदलना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अपने 1,50,000 से एक फ्रीहोल्ड वीराना सा साइट ख़रीदा। और वहीं से शुरू कर उन्होंने पूरे यूनाइटेड किंगडम, फ़्रांस और बेनेलक्स  में फैले 341 फिलिंग स्टेशंस वाले  यूरो गेराज की ऊंचाइयां छुईं।

दोनों भाइयों ने बैंक से लोन लेकर पूंजी का जुगाड़ किया और तीन और स्टेशन शुरू किया। उनके भाग्य और उनकी कड़ी मेहनत की बदौलत उनके स्टोर की बिक्री में तेजी से इजाफ़ा हुआ। जुबेर बड़े ब्रांड्स जैसे स्टारबक्स, बर्गर किंग और सबवे के साथ बिज़नेस बढ़ाने के लिए बात करने लगे।

उनकी कंपनी बहुत अच्छी तरह से एक परिवार के सामान बुनी हुई है। सभी कर्मचारी निचले स्तर से शुरू कर ऊँचे स्थान पर पहुंचे हैं- जैसे एक कैशियर एक मैनेजर बन गया और एक मैनेजर रीजनल हेड बन गया। उन सभी ने एक साथ मिलकर कंपनी में हुए उतार-चढ़ाव देखे हैं।

दोनों भाई हमेशा इस बात से आश्वस्त थे कि वे दोनों इस पेट्रोल स्टेशन को दूसरों से ज्यादा लाभदायक बना पाएंगे। उनके पिता साठवें दशक में इंग्लैंड आये थे और उन्होंने एक फिलिंग स्टेशन ख़रीदा था। वे दोनों स्कूल से लौटते हुए और छुट्टियों के दिन वहाँ काम करते थे। लगभग छह दशक के बाद के  दोनों भाइयों ने सफलता के झंडे गाड़ दिए ।

कार धोने से लेकर फिलिंग स्टेशन की श्रृंखला तक की उनकी यात्रा प्रेरणा से भरी हुई है। उन्होंने बड़े लक्ष्य, कड़ी मेहनत और सामंजस्य के महत्वपूर्ण सबक हम सभी को सिखाया है।

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