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जो व्यक्ति कभी फुटपाथ पर रात बिताने को थे मजबूर, दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें बना दिया एक शख्सियत

जब संसार में सभी साथी मनुष्य का साथ छोड़ दें, पराजय और पीड़ाओं के दंश मनुष्य को घायल कर दें, पैरों के नीचे से सभी आधार खिसक जायें, जीवन के अंधकार युक्त बीहड़ पथ पर यात्री अकेला पड़ जाए फिर भी क्या कुछ कर सकता है? अवश्य कर सकता है। मनुष्य का अपना आत्म-विश्वास ही इतना शक्तिशाली साधन है जो उसे मंज़िल पर पहुँचा सकता है।

ऐसी ही एक कहानी है जो सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है। ढ़ेरों लाईक, काॅमेंट और शेयर बटोर रही है। नाम नहीं उजागर करने के शर्त पर उसके अपनी कहानी “ह्यूमन्स आॅफ बॉम्बे” नामक एक पेज के साथ साझा किया जो जीवन में संघर्ष कर रही कई लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गई।

जब सपने बड़े हो और आत्मविश्वास हो तो फिर कोई भी कारण ऐसा नहीं जो सफलता प्राप्त होने से रोक सके। रत्नागिरी निवासी इस 10वीं फेल नवयुवक ने यह सिद्ध कर दिया है।

एक हज्जाम (नाई) परिवार में जन्मे इस युवक के लिए अपने इस पैतृक व्यवसाय को अपनाना एक आसान रास्ता था। मगर वह इतने तक ही सीमित नहीं रहना चाहता था। उसके सपने हर प्रतिकूल परिस्थिति से बड़े थे और आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं थी। वह बॉलीवुड कलाकारों के एक पेशेवर हेयरड्रेसर बनना चाहते थे।

अपने रिश्तेदारों के द्वारा मजाक उड़ाये जाने के बावजूद इस 33 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी हिम्मत बिखरने नहीं दी और हर काम में हमेशा अपना बेहतरीन हिस्सा दिया और फिर बाकी सब इतिहास बन कर रह गया। इनकी हालत कभी ऐसी थी कि इन्हें फुटपाथ पर ही कुछ महीने गुजारने पड़े। मगर अपनी प्रबल इच्छाशक्ति की बदौलत इन्होंने अपनी जिन्दगीं के हालातों को हमेशा-हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। उन्होंने न सिर्फ हिन्दी बोलना सीखा बल्कि सैलून में आने जाने वाले विदेशी नागरिकों को सुनकर और सीख कर अँग्रेजी भी धाराप्रवाह बोलने लगे।

कभी गलियों नुक्कड़ पर जिन्दगीं बिताते हुए उन्होंने एक पेशेवर हेयरड्रेसर के रुप में पहचान बनाई और 2010 में वे वाॅलीवुड स्टार सोनम कपूर और बाॅबी देओल के साथ फ्लिम आयशा में भी काम किया। उन्होंने यहाँ तक पहुँचने के लिए एक लम्बा सफर तय किया और अब उनके बड़े सपने को पूरा होने से कोई भी अड़चन रुकावट पैदा नहीं कर सकती। आज उनका खुद का अपार्टमेंट है, वे सुखीपूर्वक अपना परिवार चलाते है।

वे कहते है, “मेरे सारे सपने सच हुए… क्यों? क्योंकि मैं खुद में इतना आत्मविश्वासी था कि दुनिया के पास मुझ पर विश्वास करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं था।”

इन्होंने अपनी सफलता से साबित कर दिखाया कि यदि व्यक्ति के अंदर लक्ष्य प्राप्ति को लेकर जुनून हो तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे उसके सपने को पूरा करने से कभी नहीं रोक सकती।

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साभार:

“I failed my 10th standard when I was in Ratnagiri, but I had big dreams. My family was part of a small community where…

Posted by Humans of Bombay on 20 जून 2017

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