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यदि आपके पास कोई स्टार्टअप आइडिया है तो IIM बेंगलुरु की इस नई पहल से मिलेगी पूरी सहायता

आईआईएम बेंगलुरु स्थित एस राघवन सेंटर फॉर आंत्रप्रेन्योरियल लर्निंग ने गोल्डमैन सैश्स एवं डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर महिलाओं के लिए एक नए कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे महिला स्टार्टअप का नाम दिया गया है। हजारों महिला उद्यमियों को रास्ता देने वाला यह कार्यक्रम निश्चित रुप से सफल वेंचर साबित हो रहा है।

भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई कि यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से नि:शुल्क है और पूरे भारत की महिलाएं इसमें भाग ले सकती हैं। कार्यक्रम के पहले चरण में 12,000 महिलाओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है। यहां उन्हें उनके उद्यम के सतत विकास की संभावनाओं को पहचानना सिखाया जायेगा। पहले चरण से 300 भावी महिला उद्यमियों को क्रियान्‍वन शिविर के लिए चुन कर भेजा जायेगा, जहां वह विभिन्न कौशल, जैसे ग्राहकों से वार्तालाप, कार्य करने की नीति एवं उद्यमिता प्रशिक्षण आदि सीखेंगी। इस कार्यक्रम के अंतिम चरण में केवल सौ महिलाओं को ही चुना जायेगा, जिन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षित उद्यमी एवं सफल आंत्रप्रेन्‍योर प्रशिक्षण देंगे।

दूसरे चरण में चयनित महिलाओं को ज्ञानवर्धन के साथ-साथ नया व्यापार शुरू करने की तकनीक एवं उसे सफलता की ओर ले जाने के गुर भी सीखने को मिलेंगे। क्रियान्‍वन शिविर के सफल प्रशिक्षण के संपूर्ण होने पर सभी योजनाओं को एक साल तक विभिन्न सहभागी संस्थाओं में लागू किया जायेगा और सम्मिलित होने वाली प्रत्येक महिला को 30,000 रुपए प्रति महीने की फंडिंग भी मुहैया कराई जाएगी।

इस प्रोजेक्ट की सहभागी कंपनी गोल्डमैन के संजय चटर्जी का मानना है कि यह एक नई शुरुआत है जिससे महिला उद्यमियों को नया उत्साह तो मिलेगा ही साथ ही बाजार में नई नौकरियां भी आने वाले समय में उपलब्ध होगीं, जिससे समाज में महिलाओं की सहभागिता सशक्‍त होगी। भविष्य में 10,000 से अधिक महिलाओं के साथ वैश्विक स्तर पर इस कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा।

यह कार्यक्रम शत-प्रतिशत असरदार है लेकिन भावी महिला उद्यमियों के लिए यह कैसे मार्गदर्शक साबित हो सकता है?
जो महिलाएं अपना व्यापार शुरु करना चाहती हैं लेकिन घर की एवं अन्य परिस्थितियों के चलते ऐसा कर पाने में समर्थ नहीं है तो ऐसे में यह कार्यक्रम उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी कार्ययोजना को प्रभावशाली ढंग से साकार कर सकती हैं।

इस प्रोजेक्ट के मैनेजर भारत श्रीराम बताते हैं कि ‘’हम महिलाओं को व्यापार शुरू करने के साथ-साथ उसे सुचारु रुप से चलाना भी सिखा रहे हैं। इतना ही नहीं अन्य सफल महिला उद्यमियों से व्यापार की बारीकियों को सीखने का मौका भी महिलाओं को यहां मिलता है। मात्र उद्यमिता प्रशिक्षण हमारा लक्ष्य नहीं हम यहां ऐसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दे रहे हैं जिसके बारे में अभी लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है, जैसे ग्राहकों का अपने उत्पाद के प्रति झुकाव के लिए प्रचार करना।‘’

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुरुआती दौर में सफल महिला उद्यमियों ने अपने क्षेत्र में व्यापार के कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। इस योजना के तहत पहले पैनबाउंड एक लेखन मंच की संस्थापिका अनुष्का शेट्टी, गो क्रैक इट विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन एवं कोचिंग प्रदान करने वाली संस्था की संस्थापिका सुहर्ता कुलकर्णी एवं क्लाउड क्रेट की संस्थापिका शांभवी नाइक ने स्टार्टअप बिजनेस में सफलता की अपार ऊंचाइयों के द्वारा समाज में मिसाल प्रस्तुत की है। पहले वर्ष में 60 से 70% बेंगलुरु की महिलाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। भविष्य में पूरे भारतवर्ष के शहरों में इस अवसर का विस्तार करने की योजना है।

भारत श्रीराम इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से उन महिलाओं की मदद करना चाहते हैं जिन्होंने कुछ करने का सपना तो देखा लेकिन किन्हीं कारणों से पूरा नहीं कर पाईं। ऐसी महिला उद्यमियों की लक्ष्य प्राप्ति समाज में अन्य लोगों को अवश्य प्रेरणा देगी।

आधुनिक महिलाएं सक्षम है लेकिन कठिनाइयों ने उनके मार्ग को रोका हुआ है हमने उनकी सक्षमता के रास्ते की कठिनाइयों को हटाकर जो मार्ग उनके लिए बनाया है वह मॉडल समाज में उनकी कल्पना से भी परे जाकर सफलता का अनूठा इतिहास बनाने के लिए प्रस्तुत करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।

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