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पुलिसकर्मी द्वारा एक बेबस महिला को खाना खिलाते वायरल होती तस्वीर के पीछे की कहानी है बेहद प्रेरक

प्रत्येक देश अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता तथा चरित्र के कारण पहचाना जाता है। भारत जैसा देश अपनी सत्यता, ईमानदारी, अहिंसा, धार्मिकता, नैतिक मूल्यों तथा मानवतावादी गुणों के कारण विश्व में अपना अलग ही स्थान रखता था। किन्तु वर्तमान स्थिति में भारत की संस्कृति कुछ लोगों के कारण धूमिल हो गयी है। इसका मुख्य कारण है भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता।

भले ही देश हर दिशा में तरक्की कर रहा है, पर हमारा राष्ट्रीय चरित्र भ्रष्टाचार का पर्याय बनता जा रहा है। खासकर पुलिस का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में भ्रष्टाचार से लिपट व्यक्ति की छवि बनकर उभरती है। कुछ लोगों के गलत काम और तौर-तरीके के कारण पूरा पुलिस डिपार्टमेंट ही बदनाम है। ऊपर से हम अगर ट्रैफिक पुलिस की बात करें तो आए दिन हमें वसूली, रिश्वतखोरी जैसी ख़बरें आमतौर पर सुनने को मिलती रहती है। पर हर पुलिस वाला एक जैसा नहीं होता, कुछ लोग अभी भी मौजूद हैं जो जनता के सेवक होने का अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं। आज हम एक ऐसे ही ट्रैफिक पुलिसकर्मी की बात करने जा रहे हैं जिसने अपने हाथों से एक भूखी-बेसहारा महिला को खाना खिलाकर, सामाजिक संदेश देने का काम किया है।

गौरतलब है कि हैदराबाद पुलिस के ट्रैफिक होमगार्ड की एक तस्वीर इन दिनों खूब वायरल हो रही है। इस फोटो में सड़क किनारे पड़ी एक बेबस, बेघर बूढ़ी महिला को एक पुलिसकर्मी अपने हाथों से खाना खिलाता नज़र आ रहा है।
दरअसल यह तस्वीर 1 अप्रैल की है जब एक वृद्ध महिला हैदराबाद के जवाहर लाल नेहरू टेक्‍निकल यूनिवर्सिटी के पास सड़क के किनारे पेड़ के नीचे बैठी हुई थी। बताया जा रहा है कि वह महिला बेबस हालात में 3-4 दिनों से यूँ ही उस पेड़ के नीचे बैठी थी। उसकी हालत ऐसी थी की वह ठीक से चल तक नहीं पा रही थी। इस वृद्ध महिला का नाम बुचाम्मा है और वह 80 वर्ष की हैं।

तभी पास में ही ड्यूटी पर लगे एक पुलिसकर्मी ने इस बेसहारा वृद्ध महिला की मदद करने से खुद को रोक नहीं पाया।
इस शख्स का नाम है बी. गोपाल। 35 साल के गोपाल हैदराबाद के कुकटपल्‍ली ट्रैफिक पुलिस स्‍टेशन में बतौर होम गार्ड तैनात हैं। बी. गोपाल ने देखा कि एक बूढ़ी महिला बहुत ही तंग हालात में सड़क किनारे कुछ दिनों से पड़ी हैं। बिना देर किये वो तुरंत दौड़ कर वृद्ध महिला के पास पहुँचे और उसकी समस्या पूछी। महिला ने बताया कि उसने बहुत दिनों से कुछ खाया नहीं है और वह बहुत भूखी है। गोपाल तुरंत उसके लिए खाना और चाय लेकर आये। पर उस वृद्ध महिला की हालत ऐसी थी कि वह खुद से एक निवाला भी नहीं उठा पा रही थी। तब गोपाल ने अपने हाथों से उसे खाना खिलाया।

उसी वक़्त किसी ने उनकी तस्वीर खींच कर सोशल मीडिया पर डाल दी। लोगों ने इस तस्वीर की जमकर तारीफ की। तेलंगाना डीजीपी के ऑफिस में तैनात पीआरओ हर्षा भार्गव ने भी इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसके बाद यह तस्वीर बहुत तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर लोगों में अलावा साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार और गृहमंत्री नयनी नरसिम्हा रेड्डी ने भी ट्रैफिक होमगार्ड बी गोपाल की खूब प्रशंसा और हौसला-अफ़ज़ाई की।

बताया जा रहा है कि पांच महीने पहले एक गाड़ी से बुचाम्मा के एक्सीडेंट हो गया था। तब गोपाल समेत अन्य पुलिसकर्मी ने ही उन्हें अस्पताल ले जाने में मदद की थी और उनकी देखभाल की थी। वृद्ध महिला बुचाम्मा के नौ बच्‍चे भी हैं, पर कोई भी उसे अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। पर फिर भी उन्हें आशा है कि कोई अपना उसे एक दिन जरूर ले जाएगा। फिलहाल बुचाम्मा को चेरापल्ली के एक वेलफेयर होम में भेज दिया गया है।

इस तरह की तस्वीर को देख सच में मन भावुक हो उठता है। लगता है इस स्वार्थ भारी दुनिया में आज भी इंसानियत ज़िंदा है। अगर हर पुलिस वाला गोपाल की तरह बनने की कोशिश करे तो शायद पुलिस पर से जनता का खो रहा विश्वास वापस आ सकता है।

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