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यहाँ हर महीने के आखिरी रविवार को होती है कैंसर पीड़ितों की मुफ्त जांच, डॉक्टर की सोच को सलाम

कहते हैं जीवन जीने के लिए इंसान का केवल जीवित रहना जरूरी नहीं, बल्कि जीवन के प्रति हौसला बरक़रार रखना भी उतना ही जरूरी है। हम देखते हैं कि तमाम लोग संघर्ष की राहों में दम तोड़ देते हैं और जीवन की लम्बी रेस में हार जाते हैं। परन्तु जो जीवन की हर अगली सुबह में हौसला बरक़रार रखते हुए जीवन के प्रति आशा-वान रहते हैं और वो जब दुनिया से विदा लेते हैं तो विजेता की तरह लेते हैं। हालाँकि यह भी सत्य है कि जब व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा होता है तो उसमे हौसले का खो जाना स्वाभाविक होता है। पर हमारे आसपास ऐसे लोग भी हैं जो लोगों में जीवन के प्रति हौसले को बनाये रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। ऐसा ही हौसला देकर तमाम कैंसर पीड़ित मरीज़ों को जीवन के प्रति उम्मीद दे रहा है देहरादून और हरिद्वार की सीमा पर रायवाला स्थित गंगा राम अस्पताल एवं उसका संचालन करने वाले डॉक्टर अजय कुमार दीवान का। आइये इस अस्पताल एवं डॉक्टर दीवान की इस सकारात्मक पहल के बारे में विस्तार से समझते हैं।

हुई 2005 में अस्पताल की शुरुआत, हर महीने के आखिरी रविवार को होती है कैंसर पीड़ितों की मुफ्त जांच

दिल्ली के सबसे चर्चित कैंसर अस्पताल के तौर पर पहचान बना चुके राजीव गाँधी कैंसर अस्पताल में वरिष्ठ कैंसर सर्जन एवं मेडिकल निदेशक के पद पर आसीन, डॉक्टर अजय कुमार दीवान ने वर्ष 2005 में इस अस्पताल की नींव रखी। इसके पीछे उनका इरादा न केवल कैंसर मरीज़ों का हर संभव प्रकार से इलाज करना था बल्कि उन मरीज़ों के दिल में जीवन के प्रति उम्मीद जगाये रखने का भी था। पिछले 13 साल से लगातार हर महीने के अंतिम रविवार को डॉक्टर दीवान यहाँ खुद शिविर में आकर लोगों का परीक्षण करते हैं और आवश्यकता अनुसार उनकी जांच भी की जाती है। इस कार्य में उनका सहयोग देती हैं दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक के पद पर आसीन, डॉक्टर रुपाली दीवानी और आर्मी से रिटायर हो चुके एवं राजीव गाँधी कैंसर अस्पताल के डॉक्टर, जीएस वत्स। यहाँ रोगियों की नियमित जांच एवं देखभाल की जाती है।

जीवन के आखिरी क्षणों में भी जगाई जाती है जीवन के प्रति उम्मीद

जैसा की हमने पढ़ा, जीवन में केवल जीना ही काफी नहीं, बल्कि उसके प्रति जीजिविषा होना सबसे प्रमुख है। गंगा राम अस्पताल का मूल सार ही यही है। यह अन्य अस्पतालों से इसलिए अलग है क्योंकि यहाँ कैंसर रोगियों को अपनी बीमारी के अंतिम स्टेज पर भी जीवन के प्रति सकारात्मक उम्मीद की रौशनी दिखाई जाती है। जिस भी परिवार में कोई गंभीर कैंसर मरीज़ होता है, अमूमन वहां परिवार-जन हर संभव प्रयास करते हुए उसे बचाने की कोशिश करते हैं पर कई बार वो ऐसा करने में अक्षम रह जाते हैं। पर गंगा राम अस्पताल इस बात को भावुकता से समझता है और यही कारण है कि उनके द्वारा लोगों का सम्बल बनाये रखा जाता है। यही कारण है कि यहाँ अब तक देश भर से आये 10,000 कैंसर रोगियों को निशुल्क परामर्श एवं दवाएं दी जा चुकी हैं। इसके अलावा कैंसर के अंतिम पड़ाव में भयानक कष्ट से गुज़र रहे रोगियों को यहाँ उचित आराम भी दिया जाता है जिससे वो अपने अंतिम पड़ाव पर न केवल हिम्मत से काम ले सकें बल्कि एक विजेता की तरह इस दुनिया से अलविदा लें सकें।

समाज में दिया जा रहा है एक बेहतर संदेश

इस अस्पताल में मौजूदा समय में 15 बेड हैं, जिसे बढ़ाकर 25 किये जाने कि सम्भावना है। इसके अलावा वहां 24 घंटे 20 सेवक कार्यरत रहते हैं जो मरीज़ों के दिल में जीवन के प्रति उम्मीद बरक़रार रखने में सहायक होते हैं। इस समय यहाँ तकरीबन 100 मरीज़ हैं जो यहाँ इलाज प्राप्त कर रहे हैं। यहाँ डॉक्टर, नर्स एवं थेरेपिस्ट की कई टुकड़ियां हैं जो लोगों की देखभाल करती रहती हैं।

गंगा राम अस्पताल की इस पहल को सलाम करना चाहिए कि वो ऐसे मरीज़ों की देखभाल कर रहे हैं जिनकी जीवन के प्रति उम्मीद खत्म हो चुकी थी। इस अस्पताल में किये जा रहे सकारात्मक कार्य के कारण समाज को एक बेहतर संदेश दिया जा रहा है। यह अस्पताल केवल कैंसर मरीज़ों की ही मदद नहीं कर रहा बल्कि पूरी मानव कौम की मदद कर रहा है। उनके द्वारा फैलाया जा रहा मानवता का संदेश अतुलनीय है।

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