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छोटे शहरों में स्टार्टअप को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए भोपाल के युवाओं का अनोखा प्रयास

आज कल दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है आज का युवा कही किसी बंधन में काम नहीं करना चाहता है। उनकी अपनी अलग और सृजनात्मक सोच है जिसे वो वास्तविकता में बदलना चाहते हैं। इसी सपनों, विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए वो अपने स्तर पर कुछ नया सृजन करने लगे जिसे हम आज के दौर में सरल शब्दों में स्टार्टअप कहते हैं स्टार्टअप के इस युग ने आज के भारत को एक नया रूप दिया है, इसमे कोई शक नहीं कि इसने हमारी सोच को हक़ीक़त में बदला है। अब मेट्रोसिटी से स्टार्टअप के रूप में अपने सपने साकार करने का जूनून छोटे शहरो में पहुँच चूका है। लेकिन इन स्टार्टअप में एकरूपता और समन्वय कैसे किया जाए कि छोटे शहरों में रहने वाले ऊर्जा और क्षमताओं से भरपूर व्यक्तियों के विचारों को मूर्तरूप दिया जाए। इन सभी सवालों को ध्यान में रखते हुए भोपाल की आर्शी खान ने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर बिजनेस कीड़ा के नाम से स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू किया है।

आर्शी बिजनेस कीड़ा की शुरुआत का उद्देश्य बताते हुए कहती हैं किबैंगलोर, इंदौर जैसी जगहों को तो स्टार्टअप हब के नाम से जाना जाता है। लेकिनभोपाल, सागर, बीना जैसे स्थान भी हैं जहाँ स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। वहाँ स्टार्टअप शुरू करने वाले लोगो को कोई गाइड करने वाला नहीं है और उन तमाम जगहों पर स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले व्यक्तियों को मोटिवेशन देना आवश्यक है। उसको एक नेटवर्क के माध्यम से जोड़ना जरूरी है इसलिए उन्हें आपस में जोड़ने के लिए बिजनेस कीड़ा शुरू किया गया है।

22 वर्षीय आर्शी एक कैरियर काउंसलर और मार्केटिंग के क्षेत्र से है इसलिए जब उन्होंने भोपाल में स्टार्टअप शुरू करने वाले व्यक्तियों की समस्या को देखा तो उन्होंने ये विचार किया कि स्टार्टअप को एक प्लेटफॉर्म देने के लिए उनका आपस में एक समूह में होना आवश्यक है, जहाँ वे व्यवस्थित रूप से अपने विचार साझा कर सके। बिजनेस कीड़ा की टीम की हमेशा ही कोशिश रहती है की स्टार्टअप शुरू करने वाले व्यक्तियों को साथ में लाया जाए। जिससे उन्हें एक दूसरे स्टार्टअप से मिले एक्सपीरियंस को साझा करने का अवसर मिले साथ ही जो स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं, उन्होंने आगे बढऩे के लिए क्या किया और कौन सा तरीका अपनाया, उन्हें कहां से हैल्प मिली इन विचारों को नई शुरुआत करने वालो को बताया जा सके जिससे नए लोगो को अपना स्टार्टअप शुरू करने में मदद मिल सके। आर्शी कहती हैहमारी टीम के सामने सबसे बड़ा प्रश्न था की सभी स्टार्ट अप्स को एक साथ जोड़ा कैसे जाए और  इसके लिए हमने सोशल साइट्स और फ्रेंड्स नेटवर्क का सहारा लिया।

आज बिजनेस कीड़ा के साथ 140 स्टार्टअप जुड़ कर अपनी मंजिल की ओर बढ़ चुके हैं। बिजनेस कीड़ा की ये स्टार्टअप जोड़ने की सुविधा अभी सिर्फ भोपाल में ही उपलब्ध है। लेकिन आर्शी की टीम की कोशिश है कि वे सभी छोटे शहरों के स्टार्टअप को भी इसमें जोड़ें। इससे उन्हें भी नया प्लेटफॉर्म मिल सके, उनके विचारो को एक सही मार्गदर्शन मिले और साथ ही इंवेस्टर्स और नेटवर्किंग मिल सके। अभी तक बिजनेस कीड़ा के साथ अधिकतर तकनीकी स्टार्टअप जुड़े है और जुड़ रहे है। आर्शी कहती है ” एक अच्छी टीम के बिना ये कार्य संभव नहीं है मेरी टीम में अविनाश सेठ, हुसैन, रितिक, और आयाम है जो कि बिजनेस कीड़ा स्टार्टअप को नयी बुलंदियों तक पहुचने के लिए निरंतर काम में लगे हुए है।

बिजनेस कीड़ा एक ऐसा स्टार्टअप है जो बाकी सभी स्टार्टअप को एक सूत्र में बाँधने का काम कर रहा है। वाकई में आज के युवाओं में वो क्षमता है जो अपने दम पर अपने सपनो को हकीकत में बदल सके।

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