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उबलते हुए सूप बाउल में एक क्रेफ़िश को परोसा गया, फिर जो हुआ वह जिंदगी के मायने सिखा गया

जी भर के जिए ज़िन्दगी तू, इसके लिए ही; मैंने तेरे हिस्से को जिबह खुद ही कर दिया।

जब अंग देह का ही कोई रोग बना हो, खंजर से फिर, विवेक के, पल में अलग किया !

हम अपने चारों तरफ अधिकतर दर्द और निराशा ही महसूस करते हैं। आज के युवा निराशा की स्थिति में अपना जीवन ख़त्म करने में कुछ पल भी नहीं लगाते। जीवन को खेल समझ कर जीते हैं। कभी-कभी तो टॉस के जरिये जीने-मरने के फैसले ले लेते हैं। क्या ऐसा कदम उठाना सही है? नहीं। ज़िन्दगी के संघर्षों से जूझ कर फिर से खड़े होना ही असली जीवन जीना होता है। ज़िन्दगी से हार न मान कर सतत आगे बढ़ना ही जीवन है।

विस्तीर्ण समुद्र की एक छोटी सी लहर के समान होती है जिंदगी। कभी समुद्र शांत होता है और कभी-कभी वह पूरे शहर को अपने तूफानी लहरों से डूबा देता है। परन्तु हर जाती हुई लहर हमारे हिस्से का कुछ धो जाती है और कभी गहराइयों से निकालकर कितने ही बेशक़ीमती रत्न किनारे पर छोड़ जाती है, कुछ ऐसे खज़ाने भी जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की होती। आप परीक्षा में कम अंक आने पर, रिश्तों में असफल होने पर, काम की समस्याओं पर अपना जीवन खत्म कर देने के बारे में सोचने लगते हैं, परंतु आज एक छोटा सा जंतु आपको यह सिखा जाता है कि जीवन की हर सांस वास्तव में ईश्वर की नियामत होती है।

इस ह्रदय-विदारक घटना में एक क्रेफिश लोगों को यह सिखा जाती है कि जीवन कितनी बेशकीमती है। चाइना के एक रेस्टोरेंट में उबलते हुए सूप बाउल में एक क्रेफ़िश को परोसा गया। यह जंतु उसमें से अपने आप को आज़ाद कराने के लिए एक ऐसा दुस्साहस कर लेता है, जिसकी कल्पना भी आसान नहीं होती।

उस क्रेफिश ने गरम सूप में डूबे हुए अपने एक पंजे को बचाने की जी तोड़ कोशिश की, किंतु जब उसे लगने लगा कि वह एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है तो उसने सूप में डूबे हुए अपने उस पंजे को एक झटके में ही खुद से काटकर अलग कर दिया। और इस तरह अपनी जिंदगी बचा ली। इस छोटे से जंतु ने जीवन से हार न मानते हुए, अपना जीवन बचाने के लिए अपने एक अंग की कुर्बानी दे दी ।

इस वीडियो को जिउके नाम के उस व्यक्ति ने पोस्ट किया है जिसने सूप का आर्डर किया था। इसे उन्होंने बहुत ही मशहूर चाइनीस प्लेटफार्म वेइबो में पोस्ट किया और यह वायरल हो गया। जैसे ही जिउके सूप पीने लगे, उन्होंने देखा कि क्रेफ़िश अपनी जान बचने के लिए संघर्ष कर रही है। और उस विलक्षण घटना के बाद ही जिउके ने तय किया कि  वह उस क्रेफिश को गोद ले लेंगे।

जिउके कहते है, “मैंने उसे जिंदा छोड़ दिया, मैं उसे अपने घर ले आया और उसे अपने घर के एक्वेरियम में जगह दी।”

यह घटना यह दिखाती है कि एक छोटा सा जंतु जिंदगी के महत्व को समझता है और उसके लिए कुछ भी कर गुजरने का ज़ज़्बा रखता है। उसके लिए यह आसान और स्वाभाविक था कि वह जिंदगी से हार मान लेता परंतु बजाय इसके उसने अपना एक अंग कुर्बान करके अपनी सांसों को विस्तार दे दिया।

加藤軍台灣粉絲團 2.0 यांनी वर पोस्ट केले 26 मे 2018

जिउके के एक्वेरियम में उसकी नई ज़िन्दगी की शुरुआत हो चुकी है। धीरे-धीरे उसका कटा हुआ पंजा वापस उग भी आया है। जिंदगी के कठोर संघर्षों में बहुत आसान है, अपनी जिंदगी को खत्म कर लेना, परंतु कठिन समय से बाहर निकलने के लिए बहुत ही साहस की जरूरत होती है।

केनफ़ोलिओज़ उन सभी लोगों को प्यार और रोशनी देता है जो जिंदगी की कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। आप बस जी भर के अपनी जिंदगी को जियें और अपने परिवेश को, वह जैसा भी है, गले लगाएं। आपकी हर सांस एक अवसर होती है अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए।

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